रायपुर, 13 अगस्त 2024 – राजधानी रायपुर की सड़कों की हालत गांवों जैसी हो गई है। 70 करोड़ रुपये की लागत से बनीं 28 वार्डों की 60 सड़कों की स्थिति 70 महीने में ही बेहद खराब हो गई है। बारिश से पहले बनाई गई इन सड़कों पर अब सिर्फ गिट्टी ही बची है, जबकि डामर का नामोनिशान तक नहीं है।
सड़कें बनीं दुर्घटना का कारण
डामरीकरण के नाम पर किए गए भारी खर्च के बावजूद सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई है कि वाहन चालकों को हर पल दुर्घटना का डर सताता रहता है। सड़क पर बिछाई गई गिट्टी अब जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जिससे वाहन स्लीप कर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
शहर में धूल और कीचड़ का कहर
शहर के कई इलाकों में धूल और कीचड़ की वजह से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। संतोषी नगर चौक, भाटागांव ओवर ब्रिज, और अन्य प्रमुख स्थानों पर गड्ढ़ों और कीचड़ से लोग परेशान हैं।
नगर निगम का बयान
नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने कहा कि सड़कों की मरम्मत का काम समय-समय पर किया जाता है। जहां स्थिति फिर से खराब हो गई है, वहां फिर से मरम्मत कराई जाएगी।
सड़कों की खराब स्थिति
- देवेंद्र नगर ओवर ब्रिज के पास
- मोवा ओवर ब्रिज की उखड़ गई बजरी
- खम्हारडीह से भावना नगर जाने का मार्ग
- बूढ़ेश्वर चौक से लाखे नगर मार्ग
- सड्डू साइंस सेंटर से कैपिटल होम्स
- भाटागांव से राधास्वामी नगर
- पुराना धमतरी रोड कमल विहार के पास
रायपुर की सड़कों की यह स्थिति नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसे लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार और नगर निगम इस पर क्या कदम उठाते हैं।