रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टा गेमिंग एप का संचालन करने वाले अधिकांश युवा 18 से 30 वर्ष की उम्र के हैं। रायपुर और दुर्ग के 700 से अधिक युवा दुबई में तीन-तीन महीने की ट्रेनिंग ले चुके हैं। पुलिस द्वारा पकड़े जा रहे युवाओं के अनुसार, दुर्ग जिले में इंजीनियरिंग, मैथ्स और कॉमर्स की पढ़ाई कर चुके युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। अन्य राज्यों में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने के लिए पढ़े-लिखे बेरोजगारों को भर्ती किया जाता है।
कोरोना काल में बढ़ी एप की लोकप्रियता
कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश चुनौतियों से लड़ रहा था, महादेव एप तेजी से लोगों के बीच फैलता रहा। मार्च 2021 में पुलिस ने महादेव बुक के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत पहली कार्रवाई की, लेकिन मामूली धाराओं के कारण आरोपितों को कोर्ट से जमानत मिल गई। उसी समय मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम सामने आए। ये दोनों पहले दोपहिया वाहनों के टायर पंचर ठीक करने और जूस सेंटर की दुकानों का संचालन करते थे।
दुबई से हो रहा संचालन
महादेव ऑनलाइन सट्टा गेमिंग एप का संचालन दुबई से हो रहा है। चार वर्षों में यह एप देशभर में फैल चुका है। दुर्ग-भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इसके संचालक हैं। पुलिस ने 2021 में महादेव बुक वालों पर पहली बार कार्रवाई की थी, जिसमें इन दोनों के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने कई ब्रांचों को ध्वस्त किया है। जानकारी के अनुसार, देशभर में लगभग 2000 ब्रांच संचालित थी, जिनमें से अब 700 चल रही हैं। पुलिस अब तक बड़े खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं, रवि और सौरभ के विरुद्ध रायपुर और दुर्ग पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है।
बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियां
रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। एक हजार से ज्यादा सटोरियों और आइडी संचालकों को गिरफ्तार किया गया। रायपुर से 200 और दुर्ग-भिलाई से 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। करोड़ों के लेन-देन के चलते अब ईडी ने जांच शुरू कर दी है। इसमें कई बड़े नाम सामने आए हैं। ईडी ने 2022 में पहली एफआईआर दर्ज की थी और इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।
शाखाओं का विस्तृत जाल
हैदराबाद से ट्रेनिंग लेकर लौटने के बाद सौरभ और रवि ने पहले दुर्ग और भिलाई में ही अवैध कारोबार शुरू किया। 100 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक में आइडी बेची। दुबई जाने के बाद, ऑनलाइन गेमिंग के धंधे को संचालित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों में शाखाएं खोलीं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के साथ-साथ पुणे, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, नागपुर और भुवनेश्वर में शाखाएं संचालित हैं। शाखाओं की वेबसाइट से सट्टेबाजों को ऑनलाइन सट्टा के लिए 10 से 15 लाख रुपये में आइडी उपलब्ध कराकर धंधा संचालित किया जा रहा है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कानून
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए मई 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा जुआ प्रतिषेध विधेयक पारित किया गया है। इस विधेयक के पास होने के साथ ही अब छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा और सार्वजनिक जगहों में जुआ खेलना कानून के दायरे में आ गया है। नए कानून के तहत ऑनलाइन जुआ या सट्टा खेलने और इसके संचालन करने पर सात साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।
कोरोना काल में फैला जाल
कोरोना काल के दौरान महादेव एप, रेड्डी अन्ना एप और अन्य बेटिंग एप काफी प्रचलित हुए। यह ऑनलाइन सट्टा खेलने और खेलाने वालों के लिए एक अच्छा माध्यम बन गया। एक बुकी कई एप की आइडी लेकर शाखाओं (ब्रांचों) का संचालन करता है। इसमें महादेव बुक, रेड्डी अन्ना, अंबानी बुक, बेट भाई 9 जैसे बेटिंग एप के पैनल होते हैं। प्रत्येक ब्रांच में तीन से पांच कर्मचारी चौबीसों घंटे काम करते हैं।
दुबई में हुई सक्सेस पार्टी
2022 में तीन वर्ष पूरे होने के बाद दुबई में सक्सेस पार्टी आयोजित की गई थी। प्रदेश से कई लोग उस पार्टी में शामिल हुए थे। पार्टी में बॉलीवुड के कई कलाकार और फिल्म एक्टर शामिल हुए थे। इसके बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आए। पुलिस ने वहां से लौटने वालों पर कार्रवाई की।
सट्टेबाजी के नेटवर्क में कई राज्यों तक फैला
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का खेल पूरे देशभर में चल रहा है। पुणे, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, नागपुर, ओडिशा में ब्रांच स्थापित की गई है। ब्रांच की वेबसाइट के माध्यम से सट्टेबाजों को ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए 10 से 15 लाख रुपये में आइडी उपलब्ध कराकर कारोबार संचालित किया जा रहा है।