भिलाई, छत्तीसगढ़: भिलाई नगर निगम में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन पार्षदों ने अचानक इस्तीफा दे दिया है, जिससे कांग्रेस के अंदर गुटबाजी और असंतोष का मामला खुलकर सामने आ गया है। इस्तीफा देने वाले पार्षदों में हरिओम तिवारी, रानू साहू, और रविशंकर कुर्रे शामिल हैं। इन पार्षदों ने पार्टी में लगातार हो रही उपेक्षा का आरोप लगाया है। इस्तीफे के बाद से सभी पार्षदों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं, जिससे उनके अगले कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
मुख्य बिंदु:
- इस्तीफा देने वाले पार्षद: हरिओम तिवारी (वार्ड 3), रानू साहू (वार्ड 9), रविशंकर कुर्रे (वार्ड 6)।
- कांग्रेस में उपेक्षा का आरोप: तीनों पार्षदों ने पार्टी में उनकी उपेक्षा का आरोप लगाकर इस्तीफा दिया।
- नगर निगम में बहुमत का गणित: 70 वार्डों वाले भिलाई नगर निगम में बहुमत के लिए 36 पार्षद चाहिए। इस्तीफों के बाद कांग्रेस के पास 38 पार्षद बचे हैं।
पार्टी में उपेक्षा का आरोप
वार्ड 3 के पार्षद हरिओम तिवारी और वार्ड 9 की पार्षद रानू साहू ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वहीं, वार्ड 6 के पार्षद रविशंकर कुर्रे कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीते थे। नगर निगम में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद दोनों निर्दलीय पार्षदों ने भी कांग्रेस को समर्थन दिया था। हालांकि, कुछ समय से कांग्रेस के अंदर गुटबाजी और पार्षदों के बीच सामंजस्य की कमी दिखने लगी थी। विधानसभा चुनाव के दौरान यह गुटबाजी और अधिक स्पष्ट हो गई थी।
भाजपा में प्रवेश की अटकलें
इस्तीफे की खबर ने भिलाई में राजनीतिक हलचल मचा दी है। तीनों पार्षदों के इस्तीफे के साथ ही भाजपा में उनके शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। भाजपा के एक सूत्र के अनुसार, जल्द ही और 10 कांग्रेस पार्षद इस्तीफा दे सकते हैं। अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो भिलाई नगर निगम में कांग्रेस का बहुमत खतरे में पड़ सकता है।
वर्तमान स्थिति में नगर निगम का गणित
भिलाई नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं, और बहुमत के लिए 36 पार्षदों की जरूरत होती है। फिलहाल, तीन पार्षदों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास 38 पार्षद बचे हैं। दूसरी ओर, भाजपा की संख्या 27 से बढ़कर 30 हो सकती है। दो पार्षद नितेश यादव और इंजीनियर सलमान पहले ही बर्खास्त हो चुके हैं। भाजपा को बहुमत पाने के लिए अभी भी छह और पार्षदों की जरूरत होगी।
महापौर की प्रतिक्रिया
भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने इस खबर को दूसरों से सुना है। महापौर ने यह भी कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना से भिलाई की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है, और आने वाले दिनों में नगर निगम में और भी राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।