कोटगढ़ (बसना ) – स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस युवा दिवस के रूप में देश में बारह जनवरी को मनाया जाता। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिरदा में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।इस अवसर पर मुख्य अतिथिऔर वक्ता साहित्यकार वरिष्ठ शिक्षक कुमार एस लोरीश ने अपने वक्तव्य में कहा कि युवाओं को जोश के साथ होश रखना चाहिए। युवा चाहे तो बड़ा से परिवर्तन ला सकता है। विवेकानंद जी ने विश्व को भारतीय दर्शन का बोध युवावस्था में कराया था ।आप देश के भविष्य हो आप अपनी शक्ति समाज और देश हित में लगाये । विशिष्ट अतिथि के रुप में अपना दल एस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ प्रदेश प्रभारी दासरथी चौहान ने कहा कि अनुशासन और समय के सदुपयोग से लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। अध्ययन के समय एकाग्रता कितना जरूरी है । युवाओं को समझने के लिए स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का वह घटना जब अमेरिका के एक पुस्तकालय में पुस्तक मांगकर कुछ समय पलटाकर वापस देने से पुस्तक देने से पूछा क्या पढ़े तो स्वामी विवेकानंद जी ने उसे अन्दर पेज का लेख बता दिया । ऐसे आप एकाग्रता से अध्ययन करें । भौतिक शास्त्र के व्याख्याता सुश्री निर्मला शेष ने कहा कि शिक्षा से सब कुछ हासिल किया जा सकता है । समय का सही उपयोग करें।नहीं तो समय आपको उपयोग कर देगी । उन्होंने बताया कि जब वह ग्यारहवीं में पढ़ रही थी रायपुर के दानी गर्ल्स स्कूल में तो घर से स्कूल जाते रास्ते में मेडिकल कॉलेज के पास एक बोर्ड में लिखा था । जिंदगी कांटों भरा सफर है , हौसला उसकी पहचान है । लक्ष्य बना कर चलना होगा सफलता जरुर मिलेगी । कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत एवं स्वामी विवेकानंद जी के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित और पुष्प अर्पित कर किया गया। विद्यालय के छात्राओं कु पुष्पांजलि ,कु अदिति कु शालिनी ने स्वागत नृत्य सद्भावना गीत तथा कु अदिति ने काब्य पाठ किया । कार्यक्रम को शिक्षक के एस कैवर्त ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता सी एस वर्मा ने किया। संचालन व्याख्याता एवं एन एस एस के प्रभारी श्री एम के बरिहा ने किया ।इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक गण उपस्थित रहे।

