Home » नवा रायपुर में अफसरों और मंत्रियों की शिफ्टिंग जारी, 15 नए बंगले आवंटित

नवा रायपुर में अफसरों और मंत्रियों की शिफ्टिंग जारी, 15 नए बंगले आवंटित

Daily hawala transactions in Kerala range from Rs 50 cr to Rs 200 cr, says  ED, hawala in kerala, latest news, ed raids, small dealers, foreign  exchanges, sending money without doc

रायपुर – नवा रायपुर के अटल नगर सेक्टर 24 में करोड़ों की लागत से बनाए गए मंत्रियों और अधिकारियों के बंगले अब आवासीय उपयोग के लिए तैयार हैं। वर्तमान में, 15 नए बंगले आवंटित किए गए हैं, जिनमें से एक मंत्री और 10 अधिकारी पहले ही शिफ्ट हो चुके हैं। शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने पर सरकारी कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

हाइलाइट्स

  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दयालदास बघेल के लिए भी आवास आवंटित।
  • नवा रायपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से 92 बंगले तैयार किए गए।
  • मुख्यमंत्री निवास भी 65 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो रहा है।

शिफ्टिंग की वर्तमान स्थिति
अब तक केवल कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नवा रायपुर में अपने नए आवास में गृहप्रवेश किया है। अन्य मंत्रियों में, दयालदास बघेल और लक्ष्मी राजवाड़े को भी बंगले आवंटित किए गए हैं, लेकिन उनकी शिफ्टिंग की तारीख अभी तय नहीं हुई है। नवा रायपुर में नेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों के लिए 14 बंगले और अधिकारियों के लिए 78 बंगले बनाए गए हैं, जिनमें से अब तक केवल 10 अधिकारियों ने शिफ्टिंग की है।

बंगलों का रखरखाव और आर्थिक प्रभाव
नवा रायपुर में बने इन बंगलों के रखरखाव पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि शिफ्टिंग पूरी होने पर न केवल सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि अनावश्यक खर्चों में भी कमी आएगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मंत्रियों की शिफ्टिंग को लेकर चिंता
हालांकि, कई मंत्रियों ने नवा रायपुर में शिफ्ट होने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि वे आम जनता से दूरी बनाने को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि जनता से दूर होने पर उनके वोट बैंक पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री निवास का निर्माण
नवा रायपुर में मुख्यमंत्री निवास भी बनकर तैयार हो रहा है, जिसकी लागत 65 करोड़ रुपये है। इस निवास में सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री निवास में प्राइवेट थियेटर, हेल्थ सेंटर, लाइब्रेरी जैसी कई सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह निवास लगभग 8 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है।

निष्कर्ष
नवा रायपुर में शिफ्टिंग की प्रक्रिया अभी जारी है और इससे सरकारी कामकाज में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, मंत्रियों की शिफ्टिंग को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं, जो उनके जनसमर्थन पर असर डाल सकती हैं। अब देखना होगा कि आगामी दिनों में यह प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *