रायगढ़, 13 अगस्त 2024 – रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में पूर्व नायब तहसीलदार लीलाधर चन्द्रा पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप सामने आया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमएफसी) प्रिया रजक की कोर्ट ने उनके खिलाफ धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश कापू थाना पुलिस को दिया है।
घटनाक्रम का विवरण
कलेक्टर रायगढ़ ने 9 मार्च 2023 को लीलाधर चन्द्रा का तबादला कापू से तमनार तहसीलदार के पद पर कर दिया था। 15 मार्च 2023 को, अपने नए पद पर कार्यभार संभालने के बाद, लीलाधर चन्द्रा वापस कापू आए और रात के समय कोर्ट खुलवाकर एक विवादित भूमि बंटवारे के मामले में नया आदेश जारी किया। यह आदेश पहले से जारी एक आदेश के विपरीत था, और इसका उद्देश्य एक पक्ष को फायदा पहुंचाना था।
मामले का पक्ष और आरोप
विनोद गुप्ता और प्रमोद गुप्ता के बीच चल रहे भूमि बंटवारे के मामले में पहले से जारी आदेश को बदलकर चन्द्रा ने नया आदेश जारी किया। इस पर विनोद गुप्ता के वकील मनोज डनसेना ने कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि नया आदेश पक्षपाती और धोखाधड़ीपूर्ण था।
कोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई के बाद, न्यायाधीश प्रिया रजक ने लीलाधर चन्द्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। कापू पुलिस ने इस आदेश का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है।
वर्तमान स्थिति
लीलाधर चन्द्रा वर्तमान में बस्तर संभाग में पदस्थ हैं और रायगढ़ में काफी समय तक नायब तहसीलदार के रूप में कार्य कर चुके हैं। कोर्ट के आदेश के बाद उनके खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिक्रिया
कापू थाना पुलिस ने कहा, “कोर्ट ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रतिवेदन मिल चुका है और जल्द ही अपराध दर्ज किया जाएगा। विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।”
यह मामला सरकारी पद के दुरुपयोग और न्यायिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप का गंभीर उदाहरण है, जो प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाता है।