रायगढ़। जिले के छाल वन परिक्षेत्र के गुंडाईबाहरी बस्ती में दरमियानी रात को एक कुएं में दो भालू के बच्चों के गिरने की घटना सामने आई। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई, क्योंकि मादा भालू भी कुएं के पास विचरण कर रही थी। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों भालू के बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।
घटना का विवरण
गुंडाईबाहरी बस्ती में रात करीब 12 बजे ग्राम गड़ाइबाहरी के एक कुएं में दो भालू के बच्चों के गिरने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। ग्रामीणों ने देखा कि एक मादा भालू कुएं के पास मंडरा रही थी और गुर्रा रही थी, जिससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने भालू को कुएं से दूर रखते हुए कुएं में झांका तो उन्हें दो भालू के बच्चे गिरे हुए दिखाई दिए।
वन विभाग की त्वरित कार्यवाही
सूचना मिलते ही वन विभाग और हाथी मित्र दल छाल की टीम बिना समय गवाए मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के दौरान मादा भालू को कुएं से दूर रखा गया ताकि रेस्क्यू में कोई व्यवधान न हो और ग्रामीण जन भी सुरक्षित रहें।
रेस्क्यू ऑपरेशन
ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शावकों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। तत्पश्चात, उन्हें मादा भालू से मिलाया गया और तीनों भालू को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।
ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों को सूचित किया कि सुबह के समय जंगल की ओर न जाएं क्योंकि इस क्षेत्र में जंगली हाथी का तीन दल विचरण कर रहा है और भालू भी बड़ी संख्या में इसी जंगल में हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल लोग
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प.स.छाल चंद्रविजय सिंह सिदार, प.र. मुकेश बरवा, प.र. लोटान जय प्रकाश एक्का, हाथी मित्र दल छाल टीम से प्रकाश चंद्र भगत, प्रेम सिंह राठिया, जयलाल राठिया, मान सिंह राठिया, हाथी ट्रैक्टर ऑपरेटर दिलीप बेहरा, दिलीप भगत आदि उपस्थित रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में ग्रामीणों का सहयोग सराहनीय रहा जिसकी वन विभाग की टीम ने प्रशंसा की है। इस प्रकार की घटनाओं में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय से ही सफलता मिलती है, और यह ऑपरेशन इसका उदाहरण है।