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कमिश्नरेट के दरोगा ने साथियों संग लूटी 42.50 लाख की रकम, गिरफ्तार

वाराणसी/स्वराज टुडे: वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के कूड़ाखाना गली, नीचीबाग निवासी सराफ जयपाल कुमार के दो कर्मचारियों से 42.50 लाख रुपये की लूट में कमिश्नरेट के एक दरोगा समेत चार-पांच अन्य व्यक्तियों के शामिल होने का मामला सामने आया है। इस मामले में कमिश्नरेट की एसओजी और रामनगर थाने की पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में कैंट थाने के नदेसर चौकी इंचार्ज, बलिया निवासी और प्रयागराज के शुक्ला मार्केट, सलोरी के निवासी सब इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश पांडेय और चोलापुर थाना के आयर बाजार निवासी विकास मिश्रा एवं अजय गुप्ता शामिल हैं। इनके पास से 8 लाख 5 हजार रुपये नगद, दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। फिलहाल, तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

घटना का विवरण
यह घटना 22 जून की रात को घटी थी, जब सराफ जयपाल कुमार के दो कर्मचारी, अविनाश गुप्ता और धनंजय यादव, 93 लाख रुपये लेकर भुल्लनपुर से बस द्वारा कोलकाता जा रहे थे। रात 11:56 बजे, रामनगर थाना क्षेत्र के हाईवे पर वर्दीधारी एक दरोगा और सादे कपड़े पहने दो व्यक्तियों ने बस को रुकवाया और अपने आपको चंदौली के सैयदाराजा थाने की क्राइम ब्रांच का बताते हुए, जयपाल के दोनों कर्मचारियों को बस से उतारकर बिना नंबर की कार में बैठा लिया।

रात लगभग दो बजे, कर्मचारियों ने जयपाल कुमार को कटरिया बॉर्डर पर एक ढाबे पर बुलाया और बताया कि 50 लाख 50 हजार रुपये बचे हैं और 42 लाख 50 हजार रुपये बस से उतारने वाले पुलिसकर्मी ले गए हैं।

जांच और गिरफ्तारी
जयपाल कुमार ने अपने स्तर पर मामले की जांच की और 13 जुलाई को रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर कमिश्नरेट की एसओजी ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सर्विलांस की मदद से एक आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर दरोगा और उसके एक अन्य साथी को भी हिरासत में लिया गया।

सराफा मंडी में युवक की भूमिका
हिरासत में लिया गया एक युवक सराफा मंडी में काम करता था और आभूषण कारोबारियों के कर्मचारियों से सोने और पैसे की खेप की जानकारी प्राप्त करता था। उसकी दोस्ती कैंट थाने के एक चौकी इंचार्ज से थी और उसने चौकी इंचार्ज को बताया कि आभूषण कारोबारियों के पास हवाला का सोना और पैसा आता-जाता रहता है। इसके बाद उस युवक ने अपने दोस्तों की मुलाकात दरोगा से कराई और लूट की योजना बनाई।

सराफ जयपाल कुमार की प्रतिक्रिया
जयपाल कुमार ने कहा कि 42 लाख 50 हजार रुपये एक बड़ी रकम है। हमारा पैसा हमें वापस मिल जाए और हमें और कुछ नहीं चाहिए। घटना में सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं, तो हमारा पैसा उनके सरकारी खाते से वसूल कर दिया जाना चाहिए।

पिछला मामला
एक साल पहले, 10 जून 2023 को, भेलूपुर थानाध्यक्ष रमाकांत दूबे सहित सात पुलिस कर्मियों को 1 करोड़ 40 लाख रुपये की डकैती के मामले में बर्खास्त किया गया था। आरोप था कि इंस्पेक्टर रमाकांत दूबे और उनके साथियों ने बैजनत्था क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात की एक फर्म के कार्यालय में 29 मई 2023 की रात डाका डाला था और 92.94 लाख रुपये एक लावारिस कार से बरामद दिखाकर अपनी पीठ थपथपाने का प्रयास किया था।

यह मामला पुलिस और जनता के बीच विश्वास की गंभीर कमी को उजागर करता है और यह आवश्यक बनाता है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।

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