छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जिसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। युवक ऑनलाइन जुए में रुपए हार गया था और उसके परिवार ने उसे घर से निकाल दिया था क्योंकि उसने दूसरे समुदाय की युवती से शादी की थी। इन परिस्थितियों में उसने खुद के अपहरण की साजिश रचकर परिवारवालों से रुपए ऐंठने की योजना बनाई।
पुराना कर्जा और अपहरण की साजिश
युवक के परिवार ने पहले ही 2 से 3 लाख रुपए का कर्ज चुकाया था। युवक ने पांच लोगों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। पुलिस ने नागपुर से आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। जोंक थाने में दर्ज अपहरण के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
झूठी कहानी की शुरुआत
बोईरभाड़ी गांव निवासी जयराम नाएक ने बीते छह जुलाई को अपने बड़े बेटे बैकुंठ नाएक के लापता होने की सूचना दी थी। 8 जुलाई को एक वीडियो सामने आया जिसमें चार से पांच लोग बैकुंठ को मारते-पीटते नजर आ रहे थे। धारदार हथियार दिखाकर मारने की धमकी दे रहे थे। जयराम की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए नुआपड़ा एसपी जीआर राघवेंद्र, थाना प्रभारी गुरुदेव कर्मी और एसआई अरविंद मेहेर के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई। गुरुवार को पुलिस ने बैकुंठ को रायपुर रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर थाने लाया। पूछताछ में बैकुंठ ने स्वीकार किया कि उसने पिता से पैसे ऐंठने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी।
परिवार से बहिष्कृत और कर्ज में डूबा
बैकुंठ बंजारा समुदाय से आता है। उसने अपने से अलग समुदाय की कुमारी नाएक नामक युवती से विवाह किया था, जिसके चलते उसे घर, पिता की संपत्ति और समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। वह बेरोजगार था और उस पर कर्ज भी चढ़ गया था। ऑनलाइन जुए में वह करीब 20 हजार रुपए हार गया था।
फर्जी वीडियो और पुलिस की जांच
बैकुंठ ने 5 जुलाई को अपने परिवारवालों को फोन कर बताया कि भाई से लिए गए ऑनलाइन लोन को वसूल करने के लिए अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। पैसे चुकाने पर उसे छोड़ा जाएगा। जब परिवारवालों ने पैसे नहीं भेजे तो उसने खुद के साथ मारपीट का फेक वीडियो बनवाकर भेजा।
पुलिस की चतुराई और युवक की गिरफ्तारी
बैंक और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने बैकुंठ का लोकेशन ट्रेस किया जो मदुरई (तमिलनाडु) के आसपास का था। मदुरई पुलिस और तमिलनाडु क्राइमब्रांच की मदद से बैकुंठ की खोजबीन शुरू की गई। बैकुंठ ने वहां से निकलकर नागपुर आ गया और पुलिस ने नागपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया।
अपराध का समापन
बैकुंठ ने अपने पिता से पैसे ऐंठने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से उसकी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। नुआपड़ा एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी जीआर राघवेंद्र ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया, जिसमें अतिरिक्त एसपी इंद्रमणि बेहेरा और थाना प्रभारी गुरुदेव कर्मी भी मौजूद थे।